जालौर महोत्सव 2025 | जालोर महोत्सव का आयोजन 15 फरवरी से 17 फरवरी | Jalore Mahotsav 2025 Date

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Jalore Mahotsav 2025 का शुभारंभ जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन और जालौर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15 फरवरी से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय जालौर महोत्सव 2025 का आग़ाज़ ढोल धमाकों के साथ शुरू होगा।

राजस्थान पर्यटन विभाग व जिला पर्यटन विभाग एवं जालौर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15 फरवरी से 17 फरवरी तक Jalore mohatsaw 2025 का तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जालौर महोत्सव 2025 को सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले इच्छुक प्रतिभागी ऑडिशन का वीडियों Jalore mohatsaw की Official website पर अपलोड कर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं।

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Jalore Mahotsav 2025
Jalore Mahotsav 2025

इस वर्ष की भांति ग्रेनाइट सिटी के नाम से मशहूर जालौर की पावन भूमि पर,इसकी प्राचीन संस्कृति, लोककला, वेशभूषा की प्रदर्शनी हेतु इस साल भी 15 फरवरी से शुरू हो रहे तीन दिवसीय जालौर महोत्सव के पोस्टर का विमोचन जिला प्रशासन ने जारी कर दिया है।

जालौर महोत्सव 2025 के लेकर जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम, जालोर उपखण्ड अधिकारी मनोज चौधरी व जालोर महोत्सव कोर कमेटी के सदस्य नारायण लाल भट्ट, कानाराम परमार, परमानंद भट्ट, मदनराज बोहरा, नितिन सोलंकी, रतन सुथार, हितेश प्रजापत सर्किट हाउस पर पोस्टर का विमोचन किया। जिला कलेक्टर ने महोत्सव को और भी अधिक रौचक बनाने के लिए सभी कार्यक्रमों पर की चर्चा और सुझाव लिए।

जालौर जिला पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन एवं जालौर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में कला एवं संस्कृति की अनोखी संगम देखने को मिलेगी। तीन दिवसीय कार्यक्रम में लोककला, लोकसंगीत, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वेशभूषा, खेल प्रतियोगिता, शॉपिंग मेला, आदि की प्रदर्शनी अहम होगी।

क्रं. सं.प्रतियोगिता के नाम
1.बालीबाल
2.कबड्डी
3.खो-खो
4.सतोलिया
5.रस्सा कच्ची
6.बॉक्सिंग
7.बास्केट बॉल
8.रोलर स्केटिंग
9.बैडमिंटन
10.एकल गायन जूनियर
11.एकल गायन सीनीयर
12.एकल नृत्य सब जूनियर
13.एकल नृत्य जूनियर
14.एकल नृत्य सीनीयर
15.समूह नृत्य
16.मिस्टर जालोर
17.मिस जालोर
18.चित्रकला सब जूनियर
19.चित्रकला जूनियर
20.चित्रकला सीनियर
21.स्वस्थ एवं सुन्दर शिशु
22.फेन्सी ड्रेस
23.मेहन्दी
24.चायल्ड विथ पेरेन्टस
25.चित्रकला

Note:- 1. चित्रकला प्रतियोगिता में आयोजन समिति द्वारा केवल चार्ट उपलब्ध करवाया जाएगा। उसके अतिरिक्त प्रतिभागी सम्बन्धित सामग्री स्वयं लेकर आवें।
2 मेहंदी प्रतियोगिता की सामग्री स्वयं लेकर आवें।

  1. जालोर महोत्सव में कोरोना गाइडलाइन की पूर्णतया पालन करें।
  2. मास्क/फेस कवर पहनें।
  3. हाथों को अच्छे से साबुन और पानी से धोएं।
  4. दो गज दूरी बनाएं रखें।

जालौर जिले का नाम महर्षि जाबालि की तपोभूमि के नाम पर पड़ा है, जो स्वर्णगिरि पर्वत की तलहटी में स्थित है। नाथ संप्रदाय के ऋषि जालंधरनाथ की तपस्या-स्थली होने के कारण इस क्षेत्र को मध्यकाल में जालंधर के नाम से भी जाना जाता था।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, महाराजा मनु के चौथे पुत्र अनार्त ने सबसे पहले मौर्य साम्राज्य के पश्चिम में जालोर जिले में अपना राज्य स्थापित किया था। बाद में चंद्रगुप्त और ताशस्कन के शासन काल में इस क्षेत्र में गुर्जरों सहित अन्य शासकों ने शासन किया। हालाँकि, एक प्रतिहार शासक नागभट्ट ने चावदास से जालोर पर अधिकार कर लिया और इसे अपनी राजधानी बनाया।

पौराणिक कथा कहती है कि बहुत पहले दक्षिण सागर यहां की भूमि के निकट आता था। लेकिन जब भगवान राम ने उसमें तीर चलाया, तो वह पीछे हट गया और अपनी जगह एक रेगिस्तान छोड़ गया। इस भूमि को बाद में मरुधंत कहा गया और समय के साथ इसका नाम बदल गया।

कुवलयमाला हमें बताती है कि ईसा की आठवीं शताब्दी में जालौर एक समुद्र तटीय शहर था, और यह कि 12वीं शताब्दी के अंत तक प्रतिहार राजा वत्सराज का शासन था। उसके बाद, यह सोंगरा चौहानों की राजधानी बन गया, जो परमार राजाओं के वंशज थे। बाद में यहां प्रतिहार, परमार, चालुक्य, चौहान, खिलजी, पठान, मुगल और राठौड़ राजवंशों ने शासन किया।

कुछ बहुत प्रसिद्ध संतों ने यहां तपस्या की है। महर्षि भारवादज के आश्रम और वशिष्ठ मुनि अपनी पत्नी अरुंधती और सात ऋषियों के साथ यहां आए थे। वे अपनी शक्ति से महात्मा बुद्ध के समय अवतरित हुए। जालौर अवंती राज्य का हिस्सा था और चंद प्रघोट इस जगह के शासक थे। उनकी राजधानी उज्जैन थी। बाद में नाडोल शासक अलाहन के सबसे छोटे पुत्र कीर्तिपाल से कुमारपाल ने यहां शासन किया।

जालौर पर चौहानों की परंपरा चलती रही, बाद में समरसिंह और उदयसिंह राजा बने जिन्होंने मुगलों से नाडोल और मंडोर छीन लिए। फिर चचीगदेव और सामंत सिंह शासक हुए, जिनके पुत्र वीर कान्हड़देव महाकवि पद्मनाथ ने कान्हड़देव की शौर्य गाथा पर कान्हड़देव प्रबंध नामक महाकाव्य की रचना की।

जालोर महोत्सव 2025 कब है ?

जालोर महोत्सव का आयोजन जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन और जालोर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 17 फरवरी से तीन दिवसीय जालोर महोत्सव 2025 का आग़ाज़ ढोल धमाकों के साथ शुरू होगा।

जालोर महोत्सव में कौन-कौनसे क्रार्यक्रम होंगे ?

जालोर महोत्सव में कला एवं संस्कृति प्रतियोगिता के साथ वालीबॉल, खो-खो, कबड्डी, रस्सा-कस्सी, सनतोलिया, लम्बी दोड़, गेर नृत्य, जलोरी ढोल नृत्य, चित्रकला प्रतियोगिता, फेन्सी ड्रेस, सुन्दर शिशु, मेहंदी रंगोली प्रतियोगिता, ऊंट सजावट प्रतियोगिता, साफा प्रतियोगिता, मिस जालोर प्रतियोगिता आदि कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।

जालोर महोत्सव कहा आयोजित किया जाएगा

जालोर महोत्सव का आयोजन जिला मुख्यालय, भीनमाल, सांचौर, आहोर, सायला, जसवंतपुरा, रानीवाड़ा, चितलवाना, बड़गांव, रामसीन एवं सभी पंचायतों पर धूम धाम से मनाया जायेगा।

जालोर महोत्सव कब मनाया जाता है?

पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन जालोर एवं जालोर विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 फरवरी से तीन दिवसीय जालोर महोत्सव 2025 सम्पूर्ण जिले में मनाया जाता है।

Jalore Mahotsava 2025 date

Jalore Mahotsava 15-17 February 2024.
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