जालोर में 100 किमी पीएनजी लाइन बिछी गुजरात के डीसा से करीब 220 किमी जालोर तक नेचुरल गैस की पाइप लाइन का कार्य पूरा होने के बाद अब पूरे शहर में घरेलू कनेक्शन के लिए कम प्रेशर की पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।
इसके लिए शहर में करीब 100 किलोमीटर यानि करीब 50 प्रतिशत तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। जालोर शहर में करीब 5 हजार घरेलू कनेक्शन का लक्ष्य के मुकाबले 2 हजार घरों तक पाइप पहुंच चुके हैं। इसके अलावा करीब 500 घरों में कनेक्शन भी दिया जा चुका है और इन घरों में पीएनजी से चूल्हे जल रहे हैं। लाइन 3 स्टेप में डीसा से पहले आबूरोड, यहां से सिरोही होते हुए रामसीन के निकट गोला तक पहुंची। यहां से यह पाइप लाइन जालोर तक पहुंची है। बता दें कि नेचुरल गैस पाइप के जरिए जालोर तक लाने का कार्य अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ था। इसके लिए गुजरात गैस की ओर से यह कार्य किया जा रहा है। वहीं 2027 तक जालोर शहर में पूरी तरह गैस पाइप लाइन बिछाने का का लक्ष्य है।
एलपीजी से ज्यादा सुरक्षित पीएनजी :
वर्तमान में जालोर शहर में घरेलू चूल्हे जलाने के लिए एलपीजी के सिलेंडर उपयोग में लिए जा रहे हैं। इसमें गैस लिक्विड के रूप में होता है, जबकि पीएनजी पूरी तरह से गैस के रूप में होती है और हल्की होती है। एलपीजी लिक्विड रूप में होने से आग पकड़ता है तो उसके आस-पास के पूरे क्षेत्र को चपेट में लेता है, जबकि पीएनजी आग पकड़ता है तो हल्की होने से वह हवा में ही रहती है।
कॉलोनी के बाहर लगेगा एसआर बॉक्स
दरअसल, स्टील की हाइप्रेशर पाइप लाइन से डीसा से जालोर तक नेचुरल गैस आ रही है। इसकी क्षमता 20 किलो की है। ऐसे में प्रेशर कम करने सूरजपोल के पास पटवार भवन के बाहर डीआरएस बनाया गया है। यहां से प्रेशर कम कर कॉलोनियों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद कॉलोनी के बाहर एसआर बॉक्स लगाकर कनेक्शन के अनुसार प्रेशर मैटेन किया जाएगा।
